शनिवार, 9 अप्रैल 2011

कुत्ते की दुम ---

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 अन्ना हजारे के समर्थन में शुक्रवार शाम को बिलासपुर में लोगों ने सी एम् डी चौक से लेकर पुलिस लाइन तक कैंडल मार्च किया. इसमें हर वर्ग के लोग शामिल थे. इस मार्च का समापन पुलिस मैदान में राष्ट्र गान के साथ होना था. जब ये यात्रा पुलिस मैदान पहुंची तो पाया कि गेट में ताला लगा हुआ है. आयोजकों ने वहाँ उपस्थित पुलिसवालों से कहा कि हमारे पास परमिशन है आप ताला खुलवाइए. वो अपनी हेकड़ी पर उतर आये और हीलाहवाला करने लगे, पहले कहा जिसके पास चाभी है वो कहीं गया है, फिर आर आई का हवाला देने लगे. आयोजकों ने खूब मिन्नतें की, सिविल लाइन थाने में गुहार लगाईं, फोन घुमाए किसी पुलिसवाले के कान में जूं तक नहीं रेंगी.
यात्रा का समापन अन्दर ही करेंगे और राष्ट्रगान मैदान में ही होगा की जिद के साथ सभी मोमबत्तीधारियों ने सामने  की सड़क पर कब्जा जमा लिया और नारेबाजी करने लगे, सड़क पर जाम लग गया. पंद्रह मिनट बाद गेट खुल गया.  

3 टिप्‍पणियां:

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  2. aese gatirodh hamari karya pranaliyon ka hissa ban gaye haen. wo chabhi 15 min pahale bhi mil sakti thi lekin lalfitashahi hi hae k jo ho sakta hae use roka rakha jaye, chahe court me nirnay hon , offices me files hon wagaerah wagaerah....anna hajare ji ki neeti me gandhi ji k ahinsak satyagrah ka poora upyog hae.
    yadi bhrashtachar k virudh hinsak aandolan hote, court cases hote to shayad bahot pahale court ka nirnay aa jata aur nirnay k sath hi mudda bhi khatm mana jata, par uska asar kya hota?us nirnay ka inflimentation kitna hota?.....ab jo janaandolan chal pada hae wo ek to policy matter star ka ho gaya hae sath hi nirnay do panktiyon ka na aakar policy banani hogi ...yahi is aandolan ka sabse behtar paksh lagta hae

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